Monday, March 23

इसरो ने शनिवार को बताया कि उसने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से मिले आंकड़ों के आधार पर कुछ उन्नत डाटा उत्पाद बनाए हैं, जो चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों को बेहतर समझने में मदद करेंगे।

इन उत्पादों में चंद्र सतह के भौतिक और विद्युत गुणों से जुड़ी जानकारी शामिल है। यह भविष्य में चंद्रमा पर होने वाले वैश्विक अनुसंधानों के लिए भारत का एक बड़ा योगदान माना जा रहा है।

अब तक लगभग 1,400 रडार डाटा सेट जुटाए और विश्लेषित किए गए हैं, जिनसे चंद्रमा के उत्तर और दक्षिण ध्रुवों के नक्शे (पोलारिमीट्रिक मोज़ेक) तैयार किए गए हैं।

अहमदाबाद के स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (SAC) के वैज्ञानिकों ने इन आंकड़ों की मदद से ऐसे डाटा उत्पाद विकसित किए हैं, जो जल-बर्फ की मौजूदगी, सतह की खुरदरापन और “डाइइलेक्ट्रिक कॉन्स्टेंट” नामक विद्युत गुण की जानकारी देते हैं। यह गुण बताता है कि चंद्र सतह कितनी घनी या छिद्रदार है।

इन आंकड़ों के विश्लेषण और उत्पादों के निर्माण के लिए इसरो ने अपना खुद का एल्गोरिद्म तैयार किया है।

ये नए डाटा उत्पाद इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे चंद्रमा के ध्रुवीय इलाकों के बारे में शुरुआती और सटीक जानकारी देते हैं — वे इलाके जहां सौरमंडल की शुरुआती रासायनिक स्थितियाँ अब तक सुरक्षित मानी जाती हैं। ऐसी जानकारी ग्रहों के बनने और विकसित होने की प्रक्रिया को समझने में मदद करती है।

इन डाटा उत्पादों का उपयोग भविष्य के चंद्र अभियानों की योजना बनाने और चंद्र सतह पर खनिजों के वितरण के अध्ययन में किया जा सकेगा।

Share.

Owner & Editor: Sujeet Kumar

Registered Office:
B-87 A, Gayatri Nagar, Shankar Nagar,
Near Jagannath Mandir,
Raipur, Chhattisgarh – 492004

Contact Details:
📧 Email: rivalsmedia2025@gmail.com
📞 Mobile: +91-9425509753

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

© 2025 Financial Talk Online. Designed by Nimble Technology.

Exit mobile version