नई दिल्ली | भारतीय सर्वेक्षण विभाग 17 दिसंबर को नई दिल्ली में “विकसित भारत का सक्षमकर्ता: भू-स्थानिक मिशन” विषय पर भू-स्थानिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा।
इस कार्यशाला में भू-स्थानिक अवसंरचना को मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक प्रौद्योगिकियों के एकीकरण पर चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञ भू-स्थानिक क्षेत्र में तीव्र तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बनाए रखने के तरीकों पर भी विचार करेंगे, विशेष रूप से डेटा संग्रहण, प्रसंस्करण, विश्लेषण और उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग जैसे क्षेत्रों में।
सरकारी एजेंसियों, उद्योग जगत के हितधारकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर यह कार्यशाला भारत के भू-स्थानिक मिशन को गति देने और विभिन्न क्षेत्रों में सूचित निर्णय-निर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है।
कार्यशाला के प्रमुख फोकस क्षेत्र इस प्रकार हैं:
- राष्ट्रीय जियोडेटिक संदर्भ ढांचे का आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण
- भू-स्थानिक डेटा और मैपिंग अवसंरचना को मजबूत करना
- भू-स्थानिक ढांचों के सामंजस्य में मानकों की भूमिका
- भू-स्थानिक क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बनाए रखना
इन केंद्रित सत्रों के माध्यम से हितधारक उभरते अवसरों पर विचार कर सकेंगे, भू-स्थानिक प्रथाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कर सकेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य-तैयार प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने में योगदान दे सकेंगे।
