नई दिल्ली | आयकर विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष (2025-26) में अब तक भारत के शुद्ध प्रत्यक्ष कर (Net Direct Tax) संग्रह में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 17.05 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
1 अप्रैल से 17 दिसंबर, 2025 के बीच शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 17.05 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 15,78,433 करोड़ रुपये था।
इस अवधि के दौरान सकल प्रत्यक्ष कर (Gross Direct Tax) संग्रह सालाना आधार पर 4.16 प्रतिशत बढ़कर 20,01,794 करोड़ रुपये हो गया।
कॉर्पोरेट टैक्स सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना रहा, जिसमें शुद्ध कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह एक साल पहले के 7,39,353 करोड़ रुपये से बढ़कर 8,17,310 करोड़ रुपये हो गया।
शुद्ध गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह, जिसमें व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) जैसी संस्थाओं द्वारा भुगतान किया गया कर शामिल है, पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7,96,181 करोड़ रुपये से बढ़कर 8,46,905 करोड़ रुपये हो गया।
एडवांस टैक्स (अग्रिम कर) संग्रह में भी मजबूत वृद्धि देखी गई। इस वित्त वर्ष में अब तक कॉर्पोरेट एडवांस टैक्स करीब 8 प्रतिशत बढ़कर 6,07,300 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कुल एडवांस टैक्स भुगतान 4.27 प्रतिशत बढ़कर 7,88,388 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि, इस अवधि के दौरान गैर-कॉर्पोरेट करदाताओं के एडवांस टैक्स योगदान में 6.49 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1,81,088 करोड़ रुपये रहा।
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य 25.20 लाख करोड़ रुपये रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
