बीजापुर | छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को कुल 84 लाख रुपये के इनाम वाले 34 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ कर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें सात महिलाएं और 27 पुरुष शामिल हैं।
इन सभी का पुनर्वास ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत किया जाएगा। इन 34 माओवादी कैडरों के समाज में पुनर्वास और पुनःएकीकरण के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस आत्मसमर्पण प्रक्रिया में डीआरजी, जिला पुलिस बल, एसटीएफ, कोबरा यूनिट 202, 204 और 210 तथा सीआरपीएफ की 85, 199, 170 और 168 बटालियनों की अहम भूमिका रही।
इन 34 कैडरों में केरलापाल एरिया कमेटी के डीवीसीएम-01, पीएलजीए कंपनी नं. 02 एवं अलग-अलग कंपनियों के 04 सदस्य, एसीएम-03, प्लाटून एवं एरिया कमेटी के पार्टी सदस्य-08, मिलिशिया प्लाटून कमांडर-03, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-05, पीएलजीए सदस्य-01 तथा अलग-अलग आरपीसी के सीएनएम/जनताना सरकार अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, डीएकेएमएस, केएएमएस अध्यक्ष/उपाध्यक्ष-09 सदस्य शामिल हैं।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि माओवादियों को भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निडर होकर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान की जाए।
बीजापुर जिले में 1 जनवरी 2024 से अब तक 824 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1,079 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि विभिन्न मुठभेड़ों में 220 माओवादी मारे गए हैं।
