नई दिल्ली । स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण (संशोधन) नियम, 2025 की घोषणा की, जिसका उद्देश्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण सेवाओं तक समान पहुँच को बढ़ावा देना है।
यह संशोधन विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित छोटे नेत्र केंद्रों के लिए अवसंरचनात्मक और परिचालन चुनौतियों को कम करने की उम्मीद है, जिससे देश में कॉर्नियल प्रत्यारोपण सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच में समग्र सुधार होगा।
इसका उद्देश्य कॉर्नियल प्रत्यारोपण केंद्रों के संचालन को सुव्यवस्थित करना और देशभर में नेत्रदान और प्रत्यारोपण सेवाओं की व्यापक पहुंच को सुगम बनाना है।
इस संशोधन के तहत कॉर्नियल प्रत्यारोपण केंद्रों में क्लिनिकल स्पेक्युलर उपकरण की अनिवार्य आवश्यकता को अब हटा दिया गया है।
यह बदलाव विशेषज्ञों की सिफारिशों और हितधारकों से परामर्श के बाद सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श कर लागू किया गया है।
