रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार सुबह साइंस कॉलेज चौपाटी हटाने की निगम की कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा हो गया। चौपाटी के व्यवसायियों के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं ने भी इस कार्रवाई का जोरदार विरोध किया।
शुक्रवार देर रात से पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और अन्य कांग्रेस नेता चौपाटी में धरने पर बैठ गए थे। सुबह जब पुलिस बल और जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची, तो कांग्रेस नेताओं ने मशीनों के सामने लेटकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
उपाध्याय ने अपने X हैंडल पर लिखा, NIT फ़ूड कोर्ट के छोटे दुकानदारों की रोज़ी-रोटी बचाने के लिए हम सब एक साथ सड़कों पर उतरे। जब बुलडोज़र आगे बढ़ा तो हम उसके सामने लेट गए और उसे रोक दिया। मेहनती दुकानदारों पर चलने वाला बुलडोज़र अब नहीं चलेगा।
विकास उपाध्याय सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने लिखा, छत्तीसगढ़ की छोटी से छोटी चीज अडानी को सौंपने के कार्य में लगी छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार अब NIT यूथ हब उजाड़ रही है। भाजपा के उगाही मास्टर और कमीशनखोर स्थानीय नेता न केवल गरीबों की दुकानें हटाकर उनकी रोज़ी-रोटी छीन रहे हैं बल्कि रायपुर के लोगों और युवा-छात्रों से उनकी सुविधाएँ भी छीन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विष्णुदेव की सरकार ने आज सुबह से ही क्रेन और बुलडोज़र भेजकर यूथ हब उजाड़ने का काम शुरू कर दिया है। सभी को जागना होगा और इनको सबक सिखाना होगा।
रायपुर पश्चिम के विधायक और बीजेपी नेता राजेश मूणत ने इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि चौपाटी की जगह 1000 सीटर लाइब्रेरी का टेंडर हो चुका है। दुकान संचालकों ने निगम के साथ समझौता भी किया है। यह अवैध चौपाटी थी, इसे बढ़ावा देना कांग्रेस की परंपरा है।
उन्होंने कहा कि चौपाटी संचालन करने वालों और कांग्रेसी नेताओं के बीच लेनदेन भी है।
