Sunday, March 22

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस का प्राइमरी इंजन देश की जनसांख्यिकी, हमारी युवा पीढ़ी और हमारे लोगों का अदम्य साहस है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर पीएम मोदी ने लिखा कि 2025 हर सेक्टर में सुधारों के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण रहा है और इससे देश की विकास यात्रा को रफ्तार मिली और साथ ही विकसित भारत यात्रा के प्रयासों को बढ़ावा मिला है।

उन्होंने पोस्ट में लिखा कि 2025 को भारत के लिए एक ऐसे वर्ष के रूप में याद किया जाएगा, जब सरकार ने पिछले 11 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों के आधार पर निरंतर राष्ट्रीय मिशन के रूप में सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया। हमने संस्थानों का आधुनिकीकरण किया, शासन व्यवस्था को सरल बनाया और दीर्घकालिक, समावेशी विकास की नींव को मजबूत किया।

इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने में सक्षम बनाना, उद्यमियों को आत्मविश्वास के साथ इनोवेशन करने में सक्षम बनाना और संस्थानों को स्पष्टता और विश्वास के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करना है।

पीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि जीएसटी 2.0 ने टैक्स स्लैब की संख्या को घटाकर दो – 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे एमएसएमई, किसानों और अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स के साथ आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम हुआ है।

इसके अलावा, सरकार ने 12 लाख रुपए तक कमाने वालों पर इनकम टैक्स शून्य कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को फायदा हुआ है। वहीं, सरकार ने पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को इनकम टैक्स एक्ट 2025 से प्रतिस्थापित कर दिया है।

यह सभी सुधार मिलकर भारत को एक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-आधारित कर प्रशासन की ओर ले जाएंगे।

पीएम ने पोस्ट में बताया कि छोटी कंपनियों के लिए अब टर्नओवर की सीमा 100 करोड़ रुपए तय कर दी गई है। इससे कई छोटी कंपनियों पर अनुपालन का बोझ कम हुआ है।

इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनियों में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और लोग को बेहतर उत्पाद मिल पाएंगे।

संसद में प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक पेश किया गया है। इससे सेबी में शासन के मानदंडों में सुधार होगा, निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी, अनुपालन का बोझ कम होगा और विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रतिभूति बाजार सक्षम होगा।

वहीं, संसद के एक ही सत्र (मानसून सत्र में) पांच ऐतिहासिक समुद्री कानून पारित किए गए, जिसमें बिल ऑफ लैडिंग अधिनियम, 2025; माल ढुलाई विधेयक, 2025; तटीय जहाजरानी विधेयक, 2025; व्यापारिक जहाजरानी विधेयक, 2025; और भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025 शामिल हैं। इन सुधारों से दस्तावेजीकरण सरल हो जाता है, विवाद समाधान आसान हो जाता है और रसद लागत कम हो जाती है। साथ ही, 1908, 1925 और 1958 के पुराने कानूनों को भी प्रतिस्थापित कर दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, भारत ने न्यूजीलैंड, ओमान और यूके के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को साइन किया है। इससे निवेश, रोजगार के अवसरों और स्थानीय उद्योगों को फायदा मिलेगा। साथ ही, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के संगठन यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के साथ हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लागू हो चुका है। यह विकसित यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता है।

उन्होंने आगे बताया कि विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम, 2025 ने रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। इससे ग्राम अवसंरचना और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में खर्च में वृद्धि होगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने को उच्च आय और बेहतर संपत्ति सुनिश्चित करने का साधन बनाना है।

2025 के सुधारों की अहमियत न केवल उनके व्यापक दायरे में है, बल्कि उनकी अंतर्निहित विचारधारा में भी है। हमारी सरकार ने आधुनिक लोकतंत्र की सच्ची भावना के अनुरूप नियंत्रण की जगह सहयोग और नियमन की जगह सुविधा प्रदान करने को प्राथमिकता दी है।

इन सुधारों का उद्देश्य एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है। विकसित भारत का निर्माण हमारी विकास यात्रा का मार्गदर्शक सिद्धांत है। हम आने वाले वर्षों में भी सुधार एजेंडा को आगे बढ़ाते रहेंगे।

पीएम मोदी ने अंत में कहा कि मैं भारत और विदेश में सभी से आग्रह करता हूं कि वे भारत के विकास से अपना जुड़ाव और मजबूत करें। भारत पर भरोसा बनाए रखें और हमारे लोगों में निवेश करते रहें!

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