प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश का उत्तरपूर्वी क्षेत्र अब केवल भारत की सीमा नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्र का अग्रिम चेहरा बन गया है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के एक लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, “इस विचारोत्तेजक लेख में केंद्रीय मंत्री जे.एम. सिंधिया ने उत्तरपूर्व की अपनी यात्रा का अनुभव साझा किया है, जिसमें उन्होंने वहां की सुंदरता और लोगों की अडिग भावना का वर्णन किया है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “उत्तरपूर्व को ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में प्रस्तुत करते हुए सिंधिया बताते हैं कि यह क्षेत्र किस प्रकार दक्षिणपूर्व एशिया के लिए भारत का स्वाभाविक द्वार बनता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि उत्तरपूर्व अब केवल भारत की सीमा नहीं, बल्कि उसका अग्रिम चेहरा है।”
सिंधिया ने लिखा कि जैसे-जैसे क्षेत्र में संपर्क और बुनियादी ढांचा मजबूत हो रहा है, उत्तरपूर्व भारत का स्वाभाविक द्वार बनता जा रहा है जो दक्षिणपूर्व एशिया से जुड़ाव को सुदृढ़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि असम और मेघालय की अपनी हालिया यात्रा उनके लिए “गहराई से प्रेरणादायक और भावनात्मक रूप से छू लेने वाला अनुभव” रही।


