नई दिल्ली । शिक्षा मंत्रालय ने एक पत्र में स्कूलों में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अपनाने पर जोर दिया है, ताकि प्रशासनिक प्रक्रियाओं, विशेष रूप से वित्तीय लेन-देन से संबंधित कार्यों के आधुनिकीकरण के माध्यम से Ease of Schooling को सशक्त बनाया जा सके।
शनिवार को जारी एक आधिकारिक संवाद में कहा गया है कि मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थाओं — जैसे कि एनसीईआरटी, सीबीएसई, केवीएस और एनवीएस — को स्कूलों में प्रवेश और परीक्षा शुल्क को सुरक्षित एवं पारदर्शी डिजिटल माध्यमों से एकत्र करने के लिए तंत्र विकसित करने और लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि नकद-आधारित भुगतान से डिजिटल भुगतान प्रणाली में परिवर्तन कई लाभ प्रदान करता है। अभिभावकों और छात्रों के लिए यह सुविधा, पारदर्शिता और बिना स्कूल आए घर से भुगतान करने की क्षमता सुनिश्चित करता है।
यह पहल सभी हितधारकों में वित्तीय साक्षरता को भी बढ़ावा देगी, जिससे डिजिटल लेन-देन की व्यापक दुनिया के द्वार खुलेंगे।
यह कदम विकसित भारत 2047 के उस दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जो एक डिजिटल रूप से सशक्त, समावेशी और नागरिक-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के निर्माण की परिकल्पना करता है।


