नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की विशिष्ट ताकतें—उसकी विविधता, मांग और पैमाना—उसे वैश्विक खाद्य अर्थव्यवस्था में एक निर्णायक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में शनिवार को कहा गया कि उन्होंने यह बात नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन करते हुए कही।
रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री पत्रुशेव इस अवसर पर उपस्थित थे।
एक उच्च-स्तरीय सीईओ बैठक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान की सह-अध्यक्षता में आयोजित की गई।
कार्यक्रम के पहले दिन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की अग्रणी घरेलू और वैश्विक कंपनियों के साथ 76,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर कराने की सुविधा प्रदान की।
दूसरे दिन, मंत्रालय ने 21 कंपनियों द्वारा 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले एमओयू पर हस्ताक्षर का साक्षी बना।


