नई दिल्ली । भारत और चिली ने सैंटियागो में नौवें विदेश कार्यालय परामर्श आयोजित किए और व्यापार, निवेश, संपर्क, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, पारंपरिक चिकित्सा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खनन और खनिज अन्वेषण, रक्षा, नागरिक परमाणु प्रौद्योगिकी, शिक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और जन-से-जन संपर्क सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत ने चिली से खनिज संसाधनों की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक समझौतों पर विचार करने का अनुरोध किया।
दोनों पक्षों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार और हरित ऊर्जा जैसे समकालीन महत्व के नए और उभरते क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को विविधता देने पर भी सहमति जताई।
भारतीय पेशेवरों और व्यावसायिक आगंतुकों के लिए वीज़ा प्रक्रियाओं को आसान बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, विशेष रूप से अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति बोरिक द्वारा घोषित व्यावसायिक व्यक्तियों और पेशेवरों के लिए बहु-प्रवेश वीज़ा की शुरुआत के संदर्भ में।
द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक विविध और मजबूत करने के लिए दोनों पक्षों ने विचाराधीन समझौतों को अंतिम रूप देने हेतु जवाबों में तेजी लाने पर सहमति जताई। इनमें सीमा शुल्क मामलों में सहयोग, भारतीय फार्माकोपिया की मान्यता, पारंपरिक चिकित्सा और योग में सहयोग, सामाजिक सुरक्षा समझौता, अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग, तथा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण शामिल हैं।
यह भी सहमति हुई कि विदेश कार्यालय परामर्श का अगला दौर नई दिल्ली में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर आयोजित किया जाएगा।
