नई दिल्ली | केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (Ind-Aus ECTA) ने पिछले तीन वर्षों के दौरान निरंतर निर्यात वृद्धि, गहरी बाजार पहुंच और अधिक मजबूत आपूर्ति-श्रृंखला लचीलापन सुनिश्चित किया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को काफी लाभ हुआ है।
उन्होंने यह बात भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से साझा की।
गोयल के अनुसार, इस समझौते के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया को भारत के निर्यात में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसने भारत के व्यापार संतुलन को बेहतर बनाने में सहायता की है।
इस दौरान विनिर्माण, रसायन, कपड़ा, प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम उत्पादों और रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बढ़त देखी गई।
कृषि-निर्यात के क्षेत्र में भी व्यापक वृद्धि देखी गई है, जिसमें विशेष रूप से फल और सब्जियों, समुद्री उत्पादों तथा मसालों में भारी वृद्धि और कॉफी के निर्यात में असाधारण प्रगति हुई है। अप्रैल से नवंबर 2025 के दौरान रत्न एवं आभूषणों के निर्यात में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इसके अतिरिक्त, जैविक उत्पादों पर एक पारस्परिक मान्यता व्यवस्था (MRA) पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं, जो निर्बाध व्यापार को सुगम बनाने और निर्यातकों के लिए अनुपालन लागत को कम करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 1 जनवरी, 2026 से ऑस्ट्रेलियाई टैरिफ लाइनों का 100 प्रतिशत हिस्सा भारतीय निर्यात के लिए पूरी तरह शुल्क-मुक्त हो जाएगा, जिससे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
गोयल ने अंत में कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर साझा समृद्धि और विश्वसनीय व्यापार के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
