नई दिल्ली । भारत के ऊर्जा क्षेत्र ने दो ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। 30 सितंबर 2025 तक देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 500.89 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई है, जिसमें से 256.09 गीगावाट गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त हुई है।
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस प्रगति के साथ भारत ने अपने प्रमुख COP26 पंचामृत लक्ष्यों में से एक — 2030 तक कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करना — निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले ही हासिल कर लिया है।
केवल नवीकरणीय ऊर्जा की बात करें तो इसकी क्षमता 180 गीगावाट से अधिक है, जिसमें सौर ऊर्जा (127.33 गीगावाट) और पवन ऊर्जा (53.12 गीगावाट) अग्रणी हैं। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत ने 28 गीगावाट गैर-जीवाश्म और 5.1 गीगावाट जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता जोड़ी, जो देश के तीव्र ऊर्जा संक्रमण को दर्शाती है।
बयान में यह भी कहा गया कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा पहल से विनिर्माण, स्थापना, रखरखाव और नवाचार के क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं — जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों युवाओं को लाभ मिल रहा है।


