रायपुर । ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफ़ेडरेशन (AIBOC) की छत्तीसगढ़ इकाई ने मंगलवार को स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (SCB) पर यूनियन-विरोधी गतिविधियों और अनुचित प्रथाओं का आरोप लगाते हुए उसकी कार्यवाही की निंदा की।
सूत्रों के अनुसार, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने “अतिरिक्तता” (redundancy) के बहाने एसोसिएशन ऑफ स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ऑफिसर्स, कोलकाता (ASCBO) के दो प्रमुख पदाधिकारियों और चार सदस्यों को बर्खास्त कर दिया है।
एआईबीओसी ने कहा कि ये बर्खास्तगियां कोई अलग-थलग घटना नहीं हैं, बल्कि एससीबी द्वारा की जा रही चयनात्मक उत्पीड़न की एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
उसने कहा कि यह दुस्साहसिक कदम औद्योगिक विवादों के केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण और श्रम न्यायालय में लंबित रहने के दौरान उठाया गया है, जो औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33 का स्पष्ट उल्लंघन है।
कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि न्यायनिर्णयन (adjudication) के दौरान, बिना न्यायाधिकरण की पूर्व स्वीकृति के सेवा शर्तों में बदलाव या कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती, एआईबीओसी ने कहा।
कंफ़ेडरेशन ने एएससीबीओ के सभी छह बर्खास्त नेताओं और सदस्यों की तुरंत बहाली की मांग की।


