Wednesday, February 4

कोच्चि । कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा बनाए जा रहे आठ एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) में से पहला जहाज, ‘माहे’, 23 अक्टूबर को भारतीय नौसेना को सौंप गया।

यह जानकारी शुक्रवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।

पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर के नाम पर रखा गया यह जहाज़ भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रतीक है।

यह जहाज स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो नौसैनिक जहाज निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। यह तटीय जल क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू) अभियानों, निम्न तीव्रता वाले समुद्री अभियानों (लिमो) और जलमग्न निगरानी के लिए सुसज्जित है, साथ ही इसमें उन्नत माइन बिछाने की क्षमता भी है।

लगभग 78 मीटर लंबा और करीब 1,100 टन विस्थापन वाला यह पोत टॉरपीडो, बहु-कार्यात्मक पनडुब्बी रोधी रॉकेट, उन्नत रडार और सोनार से सुसज्जित है, जो इसे शक्तिशाली जलमग्न युद्ध क्षमता प्रदान करता है।

80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ ‘माहे’ का सुपुर्दगीकरण सरकार के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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