नई दिल्ली । भारत में वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) से प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर अब केवल 11 रह गई है। यह जानकारी बुधवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई।
छत्तीसगढ़ में अब केवल बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
साल 2025 में सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान 312 उग्रवादियों को मार गिराया गया है, जिनमें सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और आठ अन्य पोलित ब्यूरो/केंद्रीय समिति के सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा 836 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है और 1,639 ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।
मोदी सरकार के कार्यकाल में नक्सल समस्या से निपटने में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। यह सफलता राष्ट्रीय कार्य योजना और नीति के सख्त अमल से मिली है, जिसमें बहुआयामी रणनीति अपनाई गई है।
इस योजना में खुफिया जानकारी के आधार पर जनअनुकूल अभियान चलाना, सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों पर नियंत्रण स्थापित करना, शीर्ष नेताओं और उनके समर्थकों पर कार्रवाई करना, दुष्प्रचार और गलत विचारधारा का मुकाबला करना, सड़कों और अन्य विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाना, फंडिंग पर रोक लगाना, राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय बनाना, तथा माओवादी मामलों की जांच और कार्रवाई में तेजी लाना शामिल है।


