पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने जापान की प्रमुख शिपिंग कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ जहाज निर्माण में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की है, ताकि भारत को एक वैश्विक समुद्री हब बनाया जा सके।
‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए पुरी ने बताया कि उनकी “के” लाइन, जापान के चेयरमैन युकिकाज़ू मायोचिन के साथ एक सार्थक बैठक हुई, जिसमें भारत को समुद्री शिपिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा, “ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ते हुए हमारा ऊर्जा क्षेत्र अभूतपूर्व विस्तार के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान और भावी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बड़े जहाजों की बढ़ती आवश्यकता है, क्योंकि हम हर वर्ष मालभाड़ा शुल्क पर 5–8 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च करते हैं।”
पुरी ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में जहाज निर्माण पारिस्थिति की तंत्र विकसित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिससे राष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा करने वाले जहाज ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के साथ भारत में ही तैयार किए जा सकें।
उन्होंने कहा, “जहाज निर्माण मॉनिटरिंग व डिलीवरी, चार्टरिंग और भारत में लंबे समय से मौजूदगी तथा साझेदारी के अनुभव के साथ, के लाइन हमारे ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।”
