नई दिल्ली । भारत और कनाडा ने एयरोस्पेस तथा द्वि-उपयोग क्षमता साझेदारी में निवेश और व्यापार अवसरों की पहचान करने और उन्हें विस्तार देने पर सहमति जताई है। यह सहयोग कनाडा की भारत में स्थापित उपस्थिति और भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र का लाभ उठाएगा।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के आमंत्रण पर कनाडा के निर्यात संवर्धन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास मंत्री मनिंदर सिद्धू ने 11 से 14 नवंबर तक भारत का आधिकारिक दौरा किया।
दोनों मंत्रियों ने महत्वपूर्ण खनिजों में दीर्घकालिक आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी को प्रोत्साहित करने और ऊर्जा संक्रमण तथा नई औद्योगिक प्रगति के लिए आवश्यक स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति व्यक्त की।
उन्होंने वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार में मजबूत वृद्धि का उल्लेख किया, जो 2024 में 23.66 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इसमें माल व्यापार लगभग 8.98 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा — जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% की वृद्धि है।
आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन के महत्व को समझते हुए, मंत्रियों ने वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और हालिया व्यवधानों से मिली सीख पर चर्चा की। उन्होंने कृषि सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लचीलापन बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए विविध और विश्वसनीय आपूर्ति श्रंखलाओं को अनिवार्य बताया।
उन्होंने द्विपक्षीय निवेश प्रवाह में हो रहे निरंतर विस्तार का भी स्वागत किया, जिसमें भारत में कनाडाई संस्थागत निवेश और कनाडा में भारतीय कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति शामिल है। दोनों देश इन निवेशों से समर्थित हजारों नौकरियों का लाभ उठा रहे हैं।
