नई दिल्ली | इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूएन वूमेन इंडिया ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज़रिए जेंडर समानता बढ़ाने के वास्तविक प्रभाव पर तैयार किए जा रहे संकलन के लिए वैश्विक नामांकन मंगाए गए हैं।
इंडिया-AI समिट 15 से 20 फरवरी 2026 तक होगी।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे मापने योग्य और प्रमाणित AI समाधान सामने लाना है, जो खासकर ग्लोबल साउथ में महिलाओं और लड़कियों के लिए सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
इंडियाAI और यूएन वूमेन इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जा रहा यह संकलन नवाचारकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को अपने सफल और बढ़ाए जा सकने वाले AI समाधान प्रस्तुत करने का एक मंच देगा।
यह संकलन वैश्विक नीति-निर्माताओं, विकास कार्य से जुड़े नेताओं और उद्योग विशेषज्ञों के लिए एक ज्ञान संसाधन की तरह काम करेगा, ताकि जिम्मेदार, समावेशी और जेंडर-संवेदनशील AI को बढ़ावा दिया जा सके।
स्वास्थ्य, वित्त, जलवायु अनुकूलता, सुरक्षा और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रभावी AI समाधान दिखाने वाले सार 15 दिसंबर 2025 तक दिए गए लिंक पर भेजे जा सकते हैं: https://impact.indiaai.gov.in/events/compendium-on-gender-empowerment-and-ai-solutions-from-global-south
चयनित प्रविष्टियों को संकलन के उद्देश्यों के अनुसार पूरा अध्याय लिखने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।


