नई दिल्ली । आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को कहा कि आयुर्वेद मनुष्य के स्वास्थ्य और पर्यावरणीय कल्याण दोनों के लिए एक सतत, समन्वित वैश्विक स्वास्थ्य समाधान है।
उन्होंने यह बात नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र (एनएमसी) में आयुर्वेद दिवस 2025 के कर्टन रेज़र को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा विज्ञान नहीं है—यह जीवन का एक ऐसा तरीका है जो लोगों को उनके पर्यावरण के साथ सामंजस्य में लाता है।
आयुष पर एनएसएसओ के पहले अखिल भारतीय सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए, जाधव ने ग्रामीण और शहरी भारत दोनों में आयुर्वेद की व्यापक स्वीकृति पर जोर दिया, जहाँ यह अब भी सबसे अधिक प्रचलित उपचार प्रणाली बनी हुई है।
उन्होंने 10वें आयुर्वेद दिवस के लिए योजनाबद्ध प्रमुख पहलों के बारे में बताया, जिसे 23 सितंबर को गोवा स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में मनाया जाएगा।
जाधव ने आयुर्वेद दिवस 2025 को चिह्नित करने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा लोगों पर केंद्रित कई पहलों की घोषणा की।
इन पहलों में जागरूकता अभियान शामिल हैं, जैसे छात्रों के लिए ‘लिटिल स्टेप्स टू वेलनेस,’ भ्रामक विज्ञापनों का मुकाबला करने के लिए ‘लीड द मिसलीड,’ ‘मोटापे के लिए आयुर्वेद आहार,’ साथ ही पौधों और पशु चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद पर कार्यक्रम।
विशेष ध्यान ‘कैंसर देखभाल के एकीकरण,’ ‘आयुर्वेद का डिजिटल रूपांतरण,’ और ‘संहिता से संवाद’ पर भी दिया जाएगा।


