नई दिल्ली | मंगलवार को भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों पर निवेशकों की खास नज़र रही। बाजार खुलते ही SBI का स्टॉक 827.5 रुपये के स्तर पर ट्रेड हुआ, जो निवेशकों की भारी दिलचस्पी को दर्शाता है।
क्या है मामला?
SBI ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के ज़रिए कुल ₹25,000 करोड़ की राशि जुटाई है। यह पूंजी बैंक की मूल इक्विटी टियर 1 (CET-1) पूंजी को 10.81% से बढ़ाकर 11.5% तक ले जाएगी। इसका इस्तेमाल बैंक अपने कर्ज वितरण, डिजिटल विस्तार और विकास योजनाओं में करेगा।
QIP में जबरदस्त रिस्पॉन्स, 4.5 गुना ज़्यादा सब्सक्रिप्शन
SBI को इस QIP के लिए 4.5 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला, जो बड़े घरेलू और विदेशी निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दर्शाता है।
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कुल 30.6 करोड़ शेयर ₹817 प्रति शेयर की दर से आवंटित किए गए।
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QIP में 64.3% योगदान विदेशी निवेशकों का रहा।
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88% शेयर लॉन्ग टर्म निवेशकों को आवंटित किए गए, जिनमें से 24% विदेशी लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स को दिए गए।
LIC बनी सबसे बड़ी निवेशक
भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) ने इस QIP में सबसे अधिक निवेश किया।
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LIC को कुल QIP में 20% हिस्सा यानी ₹5,000 करोड़ के शेयर मिले।
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इसके बाद प्रमुख निवेशकों में सोसाइटी जेनरल, HDFC लाइफ इंश्योरेंस, HDFC म्यूचुअल फंड और क्वांट म्यूचुअल फंड शामिल हैं।
लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग के अनुसार:
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LIC के पास अब SBI में 9.2% हिस्सेदारी हो गई है।
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HDFC म्यूचुअल फंड के पास 1.58% की हिस्सेदारी है।
क्यों ज़रूरी है यह फंड जुटाना?
SBI के इस कदम का मकसद है –
- बैंक की पूंजी आधार को मज़बूत करना
- MSME, खुदरा ग्राहक और कॉर्पोरेट सेक्टर को अधिक ऋण देना
- बैंकिंग सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत बनाना
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा रहना
स्टॉक पर असर: निवेशकों की रडार पर SBI
इस खबर के बाद निवेशकों में उत्साह देखा गया। मंगलवार को SBI के स्टॉक ने मजबूती दिखाई और ₹827.5 के स्तर पर ओपनिंग दी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि SBI की इस कैपिटल रेजिंग से:
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बैंक की फाइनेंशियल स्थिति मज़बूत होगी
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एनपीए मैनेजमेंट और कर्ज वितरण में सुधार होगा
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बैंक को आगे क्रेडिट ग्रोथ में मदद मिलेगी

