नई दिल्ली | सरकार ने बुधवार को संसद को सूचित किया कि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) के डिजाइन और विकास कार्य शुरू कर दिए हैं, जिनमें 200 MWe भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (BSMR-200), 55 MWe स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR-55) और हाइड्रोजन उत्पादन के लिए 5 MWth क्षमता वाला उच्च-तापमान गैस-शीतित रिएक्टर शामिल है।
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि इन रिएक्टरों की अग्रणी इकाइयों का निर्माण प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के एक स्थल पर करने का प्रस्ताव है। परियोजना स्वीकृति मिलने के बाद इन प्रदर्शन रिएक्टरों के 60 से 72 महीनों के भीतर निर्मित होने की उम्मीद है।
मंत्री ने यह भी बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग और रूस की रोसाटॉम के बीच एक बैठक हुई, जिसमें परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसमें बड़े और छोटे पैमाने के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से जुड़े परियोजनाओं के विकास तथा न्यूक्लियर फ्यूल साइकिल में सहयोग शामिल है।
उन्होंने कहा कि भारत में उपकरण निर्माण के स्थानीयकरण के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया। चर्चा के नए क्षेत्रों में रूस की डिजाइन वाले छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) के भारत में निर्माण का विषय भी शामिल है।
सिंह ने आगे बताया कि उद्योगों द्वारा कैप्टिव उपयोग के लिए भारत स्मॉल रिएक्टर (BSR) के संदर्भ में एनपीसीआईएल ने 31 दिसंबर 2024 को सरकार द्वारा स्वीकृत कारोबारी मॉडल के अनुसार एक निवेदन-पत्र (RFP) जारी किया था।
फरवरी 2025 में एक प्री-प्रपोज़ल बैठक आयोजित की गई, जिसमें इच्छुक उद्योगों के प्रश्नों का समाधान किया गया। सभी प्रश्नों पर स्पष्टीकरण संकलित कर एनपीसीआईएल की वेबसाइट पर अपलोड किए गए। इसके अलावा, उद्योगों के अनुरोध पर RFP जमा करने की अंतिम तिथि को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।


