नई दिल्ली | केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि सन्चार साथी ऐप केवल स्वैच्छिक पंजीकरण के बाद ही सक्रिय होता है और उपयोगकर्ता इसे कभी भी डिलीट कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सन्चार साथी पूरी तरह लोकतांत्रिक और स्वैच्छिक है। उपयोगकर्ता अपनी सुविधा के अनुसार ऐप को सक्रिय कर इसके लाभ ले सकते हैं और चाहें तो कभी भी इसे बंद या हटाया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “सन्चार साथी एक ऐप और पोर्टल दोनों है, जो नागरिकों को सरल और पारदर्शी साधनों के ज़रिये अपनी डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने में मदद करता है। यह जनभागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें नागरिक अपने डिजिटल माहौल की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।”
यह ऐप उपयोगकर्ताओं को कॉल लॉग से सीधे संदिग्ध धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है, जिससे सतर्क नागरिक कम जागरूक उपयोगकर्ताओं की भी सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।
सिंधिया ने कहा, “हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सन्चार साथी पूरी तरह स्वैच्छिक, पारदर्शी है और मोबाइल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। उपयोगकर्ता इसे कभी भी चालू या डिलीट कर सकते हैं — सुरक्षा और निजता दोनों सुरक्षित रहें, यही इसका उद्देश्य है।”


