गांधीनगर । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रव्यापी “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” वित्तीय जागरूकता अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को उनकी अप्राप्त (अनक्लेम्ड) वित्तीय संपत्तियाँ प्राप्त करने में मदद करना है।
अभियान के दौरान नागरिकों को मौके पर ही यह मार्गदर्शन दिया जाएगा कि वे अपनी अप्राप्त संपत्तियाँ कैसे खोजें, रिकॉर्ड कैसे अपडेट करें और दावे की प्रक्रिया पूरी कैसे करें। इसके लिए डिजिटल उपकरण और चरणबद्ध प्रदर्शन भी दिखाए जाएंगे।
व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा।
डिजिटल डेमो और हेल्प डेस्क नागरिकों को उनकी अप्राप्त वित्तीय संपत्तियों का पता लगाने और दावा करने में सहायता करेंगे। यह सरकार की नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था और जीवन को सरल बनाने की व्यापक दृष्टि को दर्शाता है।
सीतारमण ने कहा कि अप्राप्त जमा राशि, बीमा राशि, डिविडेंड, म्यूचुअल फंड बैलेंस और पेंशन केवल कागजों पर दर्ज प्रविष्टियाँ नहीं हैं, बल्कि ये आम परिवारों की मेहनत की कमाई हैं—ऐसी बचत जो शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा का आधार बन सकती हैं।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, विशेषकर गुजरात ग्रामीण बैंक, और अन्य वित्तीय संस्थानों ने हाल के KYC और री-KYC अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इन प्रयासों ने नागरिकों और औपचारिक वित्तीय प्रणाली के बीच संबंध को और मजबूत किया है।
इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक और समुदाय को यह जानकारी हो कि अप्राप्त संपत्तियों का पता कैसे लगाया जाए।
अगस्त 2025 तक, 75,000 करोड़ रुपये से अधिक की अप्राप्त जमा राशि भारतीय रिज़र्व बैंक के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में स्थानांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, 13,800 करोड़ रुपये से अधिक की बीमा राशि, लगभग 3,000 करोड़ रुपये की म्यूचुअल फंड बैलेंस और 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के अप्राप्त डिविडेंड दर्ज हैं।


