Sunday, March 22

नई दिल्ली | आम करदाताओं के लिए खुशखबरी है! केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स कानून को सरल और व्यावहारिक बनाने के लिए Income Tax Bill 2025 को लोकसभा में पेश किया है। यह बिल अब समीक्षा के बाद संसद में बहस के लिए तैयार है। यदि यह कानून बनता है, तो लाखों टैक्सपेयर्स को कई बड़ी राहतें मिल सकती हैं — सबसे खास: ITR लेट फाइल करने पर भी TDS रिफंड मिल सकेगा।

क्या है नया इनकम टैक्स बिल?

इस बिल को लोकसभा की प्रवर समिति के अध्यक्ष बैजयंत पांडा ने सदन में पेश किया। समिति ने इनकम टैक्स कानून 1961 की जगह नया कानून लाने के लिए 4,000 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट में कई अहम बदलावों की सिफारिश की है।

मुख्य सिफारिशें: TDS रिफंड और ITR छूट

टैक्स के दायरे से बाहर आय वालों के लिए राहत:

  • जिनकी आय टैक्सेबल नहीं है, लेकिन TDS काटा गया है, उन्हें ITR तय समय पर फाइल करने की बाध्यता से छूट दी जा सकती है।

  • ITR देरी से फाइल करने पर जुर्माना नहीं लगेगा, यदि आमदनी टैक्स के दायरे में नहीं आती।

आम लोगों को मिलेगा फायदा:

  • लाखों सैलरीड और लो इनकम टैक्सपेयर्स जो केवल TDS रिफंड के लिए ITR फाइल करते हैं, उनके लिए यह बड़ा बदलाव होगा।

  • इससे टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और सरलता आएगी।

धार्मिक ट्रस्ट और NGO को राहत

 गुमनाम दान पर टैक्स खत्म करने की सिफारिश:

  • अभी ट्रस्ट्स को गुमनाम डोनेशन पर 30% टैक्स देना पड़ता है।

  • समिति ने सुझाव दिया है कि यदि दानदाता की पहचान संभव नहीं है, तो ऐसे चंदे पर टैक्स नहीं लगना चाहिए।

  • साथ ही, NGO की नेट इनकम पर ही टैक्स लगे, न कि कुल रसीद पर।

इनकम टैक्स कानून में होंगे ये बदलाव:

बदलाव का बिंदु विवरण
📅 लागू होने की संभावना 1 अप्रैल 2026 से
📉 पुराने नियम हटाए गए अप्रासंगिक टैक्स नियमों को हटाया गया
🔠 भाषा और संरचना में बदलाव सरल और स्पष्ट भाषा का प्रयोग
🏠 प्रॉपर्टी इनकम, कैपिटल एसेट गणना और परिभाषा को स्पष्ट किया गया
🧾 MSE की परिभाषा नई टैक्स छूटों के लिए जोड़ी गई

एक अहम प्रस्ताव यह भी है कि जांच के दौरान टैक्स अधिकारी अब करदाता के लैपटॉप, ईमेल और डिजिटल दस्तावेज़ कब्जे में ले सकेंगे। यह प्रविधान टैक्स चोरी रोकने के लिए शामिल किया गया है।

क्यों लाया गया नया बिल?

सरकार का उद्देश्य है कि:

  • टैक्स कानून को आसान और पारदर्शी बनाया जाए।

  • करदाता बिना चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से भी स्वतः ITR फाइल कर सकें

  • डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिले।

टैक्सपेयर्स को राहत या सख्ती?

अगर इन सिफारिशों पर संसद की मुहर लगती है, तो यह नया इनकम टैक्स कानून छोटे करदाताओं, पेंशनर्स, फ्रीलांसर्स, और NGO सेक्टर के लिए राहत लेकर आएगा। लेकिन टैक्स अधिकारियों को दिए गए नए अधिकारों पर बहस होना तय है।

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