नई दिल्ली | विश्व एड्स दिवस से पहले, सरकार ने रविवार को कहा कि भारत में एड्स से होने वाली मौतों में 81.4% की कमी, मां से बच्चे में एचआईवी संक्रमण में 74.6% की कमी, और हर साल नए एचआईवी संक्रमण में 48.7% की कमी दर्ज की गई है।
यह दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है ताकि एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके, प्रभावित लोगों को याद किया जा सके और एचआईवी के साथ जी रहे लोगों का समर्थन किया जा सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में विश्व एड्स दिवस 2025 के राष्ट्रीय कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे।
एक युवा-नेतृत्व वाला फ्लैश प्रदर्शन जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार के महत्व को दिखाएगा।
इसके बाद एक प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा, जिसमें डिजिटल नवाचार, कार्यक्रम की उपलब्धियां और समुदाय-आधारित मॉडल दिखाए जाएंगे, जो राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लागू किए गए हैं।
लाभार्थियों के अनुभव और एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति एनएसीपी-5 के तहत भारत की प्रगति और आगे की प्राथमिकताओं को दर्शाएगी।
कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता नाको की राष्ट्रीय मल्टीमीडिया पहल के तहत एक नए अभियान वीडियो श्रृंखला का शुभारंभ होगा। यह तीन मुख्य विषयों पर आधारित होगी: युवा और जागरूकता, ऊर्ध्वाधर संक्रमण (मां से बच्चे में संक्रमण) का उन्मूलन, और कलंक एवं भेदभाव को कम करना।
भारत राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के वर्तमान चरण के तहत लगातार महत्वपूर्ण प्रगति दिखा रहा है:
• एचआईवी परीक्षण 2020–21 के 4.13 करोड़ से बढ़कर 2024–25 में 6.62 करोड़ हो गया
• एंटीरेट्रोवायरल उपचार पाने वालों की संख्या 14.94 लाख से बढ़कर 18.60 लाख हो गई
• वायरल लोड परीक्षण 8.90 लाख से बढ़कर 15.98 लाख तक लगभग दोगुना हो गया


