नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को अपने प्रमुख पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (Passport Seva Programme – PSP) के उन्नत संस्करण के शुभारंभ की घोषणा की।
इस रोलआउट में पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP V2.0), ग्लोबल पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (GPSP V2.0) और भारत एवं विदेशों में निवास कर रहे नागरिकों के लिए ई-पासपोर्ट पहल शामिल है।
पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) संस्करण 2.0 का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं में शामिल सभी हितधारकों को एक डिजिटल रूप से एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना है, जिसमें दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित चैट और वॉयस बॉट्स से सुसज्जित यह नया सिस्टम नागरिकों को आवेदन भरते समय और पासपोर्ट से संबंधित प्रश्नों या शिकायतों के समाधान में सहायता प्रदान करता है। नया पासपोर्ट पोर्टल और मोबाइल ऐप उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं, जिसमें स्वतः भरे जाने वाले फॉर्म, सरल दस्तावेज़ अपलोड और UPI या QR कोड के माध्यम से आसान ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
ई-पासपोर्ट एक हाइब्रिड दस्तावेज़ है, जो कागज़ी और इलेक्ट्रॉनिक दोनों तत्वों को एकीकृत करता है। इसमें रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफ़िकेशन (RFID) चिप और एंटेना एम्बेड किए गए हैं, जो धारक के डेटा को अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुरूप सुरक्षित रूप से संग्रहीत करते हैं।
डेटा पृष्ठ पर मुद्रित महत्वपूर्ण जानकारी भी इस चिप में इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहीत रहती है, जिससे सुरक्षा और प्रमाणीकरण में और वृद्धि होती है।
आगे चलकर, सभी नए जारी किए जाने वाले पासपोर्ट ई-पासपोर्ट होंगे, जबकि मौजूदा गैर-इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट अपनी समाप्ति अवधि तक मान्य रहेंगे।


