नई दिल्ली । भारत के निर्यात में अगस्त 2025 के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4.77 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई।
अप्रैल–अगस्त 2025 के दौरान निर्यात में 5.19% की वृद्धि होकर यह 346.10 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जबकि अप्रैल–अगस्त 2024 की तुलना में यह वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में माल निर्यात में 2.31% और सेवा निर्यात में 8.65% की वृद्धि हुई।
भारत के हांगकांग, चीन, अमेरिका, जर्मनी, कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, बेल्जियम, बांग्लादेश और ब्राज़ील को निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, विश्व निर्यात की वृद्धि दर 2.5% है, जबकि भारत का निर्यात 7.1% (2024) की दर से बढ़ रहा है, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है।
भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में निर्यात का हिस्सा 2015 में 19.8% से बढ़कर 2024 में 21.2% हो गया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में निर्यात के बढ़ते महत्व को दर्शाता है (विश्व बैंक)।
इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ वृद्धि की प्रमुख प्रेरक रहीं, जिनका निर्यात अप्रैल–अगस्त 2025 के दौरान 5.51 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़ा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 40.63% की वृद्धि है।
पिछले 10 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का उत्पादन 6 गुना और निर्यात 8 गुना बढ़ा है। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के प्रमुख निर्यात बाजारों में अमेरिका, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स चीन, नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।
स्मार्टफोन इस वृद्धि के प्रमुख कारकों में से एक बने हुए हैं। भारत अब एक शुद्ध आयातक से शुद्ध निर्यातक देश बन चुका है।
वित्तीय वर्ष 2025 के पहले पाँच महीनों में ही स्मार्टफोन निर्यात 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 55% अधिक है।


