नई दिल्ली। भारत का केमिकल सेक्टर वैल्यू क्रिएशन में दुनिया में सबसे आगे रहा है और बीते पांच वर्षों (2020-24) में टोटल शेयरहोल्डर रिटर्न 28 प्रतिशत का रहा है जो वैश्विक औसत 7 प्रतिशत से काफी ज्यादा है।
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के केमिकल सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन की वजह मजबूत घरेलू मांग, लक्षित नीतिगत समर्थन और निवेशकों की बेहतर धारणा थी।
एग्रोकेमिकल निर्यात और इसकी घरेलू मांग के साथ-साथ फार्मास्युटिकल सामग्री, पर्सनल केयर और इंजीनियर्ड सामग्री जैसे विशिष्ट क्षेत्रों ने इस बेहतर प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस बढ़ोत्तरी में, एग्रोकेमिकल निर्यात व घरेलू मांग के आलावा फार्मास्युटिकल सामग्री, पर्सनल केयर एवं इंजीनियर्ड सामग्री जैसे विशिष्ट क्षेत्रों ने इस बेहतर प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशिष्ट क्षेत्रों में केंद्रित भारतीय फर्मों ने 33 प्रतिशत टीएसआर रिटर्न प्राप्त किया जबकि उर्वरक क्षेत्र ने 32 प्रतिशत रिटर्न दर्ज किया जो वैश्विक औसत से काफी अधिक है जबकि क्षेत्रीय स्तर पर, उभरते बाजार की केमिकल कंपनियों ने कुल मिलाकर मजबूत प्रदर्शन किया, जिनका औसत पांच-वर्षीय टीएसआर 12 प्रतिशत रहा।


