नई दिल्ली । भारतीय सेना 14 से 16 अक्टूबर 2025 तक नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति सैनिक योगदानकर्ता देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित करेगी।
यह सम्मेलन उन 32 देशों के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व को एक साथ लाएगा जो संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में योगदान देने वाले देशों के प्रतिनिधिमंडल 13 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे।
यूएनटीसीसी एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ संचालन संबंधी चुनौतियों, बदलते खतरों, निर्णय प्रक्रिया में सहभागिता, पारस्परिक सहयोग, और शांति स्थापना को सुदृढ़ करने में तकनीक व प्रशिक्षण की भूमिका जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
इस सम्मेलन में अल्जीरिया, आर्मेनिया, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, ब्राज़ील, बुरुंडी, कंबोडिया, मिस्र, इथियोपिया, फिजी, फ्रांस, घाना, इटली, कज़ाख़स्तान, केन्या, किर्गिस्तान, मेडागास्कर, मलेशिया, मंगोलिया, मोरक्को, नेपाल, नाइजीरिया, पोलैंड, रवांडा, श्रीलंका, सेनेगल, तंजानिया, थाईलैंड, युगांडा, उरुग्वे और वियतनाम जैसे देशों की भागीदारी होगी।
पूर्ण सत्रों (Plenary Sessions) में इन देशों के प्रमुख और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और संयुक्त राष्ट्र शांति संचालन के अवर महासचिव जीन-पियरे लाक्रुआ भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
सम्मेलन के दौरान साझा क्षमता निर्माण पहलों को प्रदर्शित करने वाले रक्षा प्रदर्शनी, द्विपक्षीय बैठकें और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र मिशनों में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक होने के नाते, भारत इस उच्चस्तरीय मंच की मेजबानी कर रहा है ताकि संचालन संबंधी चुनौतियों, बदलते खतरों पर चर्चा की जा सके, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जा सके और भविष्य की शांति स्थापना की दिशा में साझा समझ विकसित की जा सके।


