बेंगलुरु। भारत देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अपनाने के मामले में एशिया प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल करने वाले आधे से ज्यादा वयस्क महानगरों से हैं।
भारत के शहरों में रहने वाले 56 प्रतिशत भारतीय 2025 में जेनरेटिव एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं जो पिछले साल की तुलना में 44 प्रतिशत से अधिक है, इसी वजह से भारत इस क्षेत्र में अग्रणी बन सका है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंज्यूमर्स न केवल एआई को तेजी से अपना रहे हैं बल्कि एआई को लेकर उनके ज्ञान का स्तर भी वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा है।
हमारे देश के 63 प्रतिशत भारतीय वयस्कों का कहना है कि वे एआई को बेहतर तरीके से समझते हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में ये आंकड़ा केवल 18 और 26 प्रतिशत है जबकि 5 प्रतिशत भारतीय ऐसे भी जो एआई को नहीं समझते है।
इस रिसर्च में ये बात भी सामने आई है कि 45 प्रतिशत भारतीय एआई को समाज के लिए एक गंभीर खतरा मानते हैं जबकि 66 प्रतिशत लोग एआई से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा पर भरोसा करते है।
