नई दिल्ली । भारत का 56वां अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) गोवा में 20 से 28 नवंबर, 2025 तक आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का कर्टेन-रेज़र कार्यक्रम शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
इस वर्ष के संस्करण में 81 देशों की 240 से अधिक फिल्मों की विविध और व्यापक श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें 13 विश्व प्रीमियर, 4 अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर और 46 एशियाई प्रीमियर शामिल हैं। महोत्सव को 127 देशों से रिकॉर्ड 2,314 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं, जो वैश्विक फिल्म महोत्सव मंच पर आईएफएफआई की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती हैं।
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि आईएफएफआई 2025 नवाचार और समावेशन की भावना को प्रतिबिंबित करेगा तथा महिला फिल्म निर्माताओं, नई प्रतिभाओं और रचनात्मक उत्कृष्टता का उत्सव मनाएगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 50 से अधिक महिला निर्देशकों की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी, जो सिनेमा में ‘नारी शक्ति’ को प्रोत्साहित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष भी ओटीटी अवॉर्ड्स दिए जाएंगे, ताकि वेब और स्ट्रीमिंग कंटेंट में उत्कृष्टता को सम्मानित किया जा सके।
महोत्सव निदेशक शेखर कपूर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माण और फिल्म देखने वाला देश है, जो अपने लोगों के कहानी-प्रेम का उत्सव मनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कहानी कहने की कला विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ और शांति को बढ़ावा देती है।
फिल्म बाज़ार पर प्रकाश डालते हुए कपूर ने कहा कि यह एक ऐसा आंदोलन है जो प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवा रचनाकारों को सशक्त बना रहा है। उन्होंने जोड़ा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक रचनात्मक उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए, जो भारत की कहानियों को विश्व तक पहुँचाने में कहानीकारों की मदद करता है।


