नई दिल्ली | गूगल ने मंगलवार को भारत में एंड्रॉइड डिवाइसों पर अपनी इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) शुरू की।
यह एंड्रॉइड का एक इन-बिल्ट फीचर है, जो पुलिस, चिकित्सा और अग्निशमन जैसी आपातकालीन सेवाओं को संपर्क किए जाने पर तुरंत सटीक स्थान की जानकारी प्रदान करता है।
इमरजेंसी लोकेशन सर्विस एक निःशुल्क सेवा है जो केवल तभी सक्रिय होती है जब कोई कॉलर एंड्रॉइड डिवाइस से 112 या किसी अन्य आपातकालीन नंबर पर कॉल करता है। इसके लिए किसी अतिरिक्त हार्डवेयर या ऐप की आवश्यकता नहीं होती है।
यह सेवा GPS, वाई-फाई और सेलुलर नेटवर्क के डेटा का उपयोग करती है, और डिवाइस की भाषा जैसी अतिरिक्त जानकारी भी भेज सकती है। इससे लोकेशन की सटीकता अक्सर 50 मीटर के दायरे तक पहुँच जाती है।
उत्तर प्रदेश एंड्रॉइड पर ELS को पूरी तरह से लागू करने वाला पहला भारतीय राज्य बन गया है। इस सिस्टम को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एकीकृत किया गया है और इसे ‘पर्ट टेलीकॉम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ (PertSol) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
यह फीचर विशेष रूप से आपातकालीन सेवा प्रदाताओं के लिए उपलब्ध है ताकि वे संकट में फंसे लोगों की मदद कर सकें। कॉल करने वालों की सटीक लोकेशन गूगल द्वारा न तो एकत्र की जाती है और न ही स्टोर की जाती है। लोकेशन डेटा केवल आपातकालीन कॉल किए जाने पर कॉलर के हैंडसेट से सीधे आपातकालीन सेवाओं को भेजा जाता है।


