Wednesday, February 4

मुंबई। बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच सोने और चांदी ने मंगलवार के कारोबारी सत्र में एक और नया रिकॉर्ड बना लिया है।

एमसीएक्स पर कीमती धातुओं की कीमतें पिछले दिन के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। गोल्ड फरवरी वायदा 1,47,996 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं सिल्वर मार्च वायदा 3,19,949 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना जहां रिकॉर्ड 1,45,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, तो वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3,01,315 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सिल्वर की कीमत 94.320 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। तो वहीं गोल्ड 4,708.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले के सत्र में सोने ने 4,689.39 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड से जुड़े बयानों और टैरिफ की धमकियों से वैश्विक तनाव बढ़ गया है, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन विकल्पों की ओर रुख किया।

खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.55 प्रतिशत यानी 2,255 रुपए की तेजी के साथ 1,47,894 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 7,279 रुपए यानी 2.35 प्रतिशत की उछाल के साथ 3,17,554 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी।

यह तेजी उस समय आई थी जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया।

कीमती धातुओं में यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड मुद्दे का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आई।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दोहराया कि यूरोपीय देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी पर वे अमल करेंगे।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वे यूरोपीय संघ के ‘एंटी-कोएरशन’ तंत्र को लागू करने की मांग करेंगे। वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने संयम बरतने की अपील की। इसके अलावा, डेनमार्क द्वारा ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के फैसले से भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है।

बाजार इस बात पर भी नजर रखे हुए हैं कि कहीं ट्रंप प्रशासन अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के खिलाफ कोई कदम तो नहीं उठाएगा। इससे केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका फायदा भी कीमती धातुओं को मिल रहा है।

इसके साथ ही, अमेरिका में आगे और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें भी सोने और चांदी की कीमतों को सहारा दे रही हैं। साल 2025 में भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से इन धातुओं को काफी सपोर्ट मिला था।

विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में आई यह तेजी सुरक्षित निवेश के साथ-साथ चांदी की औद्योगिक मांग को भी दिखाती है। चांदी का उपयोग सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है।

विश्लेषकों ने कहा कि तकनीकी रूप से कॉमेक्स पर चांदी का रुख अभी मजबूत बना हुआ है। 85 से 88 डॉलर प्रति औंस का स्तर आने वाले समय में कीमतों को सहारा दे सकता है।

ऑगमोंट की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है और चांदी 84 डॉलर प्रति औंस या 2,60,000 रुपए प्रति किलो तक आ सकती है, इसके बाद फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि बहुत तेज बढ़त के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं, लेकिन उनका मानना है कि आपूर्ति की चिंताओं और औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण लंबे समय में सोने और चांदी का रुझान मजबूत बना रहेगा।

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