नई दिल्ली | गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर 11.25 लाख से अधिक सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSE) विक्रेता पंजीकृत हो चुके हैं। रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
इन उद्यमों ने कुल मिलाकर ₹7.44 लाख करोड़ के ऑर्डर हासिल किए हैं, जो GeM के माध्यम से हुए कुल लेनदेन मूल्य का 44.8 प्रतिशत है। यह 25 प्रतिशत के अनिवार्य वार्षिक खरीद लक्ष्य से कहीं अधिक है, जो सार्वजनिक खरीद में छोटे उद्यमों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
वर्तमान में GeM पर 2 लाख से अधिक महिला स्वामित्व वाले MSE सक्रिय हैं और उन्होंने अब तक ₹78,066 करोड़ के कुल ऑर्डर प्राप्त किए हैं। उनकी इस भागीदारी को ‘वूमनिया’ (Womaniya) जैसी पहलों के माध्यम से सशक्त बनाया जा रहा है, जो महिला उद्यमियों के पंजीकरण (onboarding), प्रशिक्षण और खरीद के अवसरों तक उनकी पहुंच सुधारने पर केंद्रित हैं।
इसी अवधि के दौरान, एक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमी के स्वामित्व वाली एमएसई, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट सर्विसेज, नागपुर, महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार के लिए 29 करोड़ रुपये मूल्य के निगरानी तंत्र में सहयोग प्रदान किया। मुंबई स्थित स्टार्टअप, क्लाउडस्ट्रैट्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, महाराष्ट्र ने परिचालन बढ़ाने के अल्पकाल के भीतर ही उच्च मूल्य के अनुबंध प्राप्त करते हुए 191 करोड़ रुपये की प्रौद्योगिकी सेवाएं प्रदान की।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जैसे-जैसे सार्वजनिक खरीद प्रणालियां विकसित हो रही हैं, GeM पर MSE और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की बढ़ती भागीदारी उस दृष्टिकोण को दर्शाती है जिसमें पहुंच, समावेश और क्षेत्रीय भागीदारी सरकारी खरीद ढांचे के अभिन्न अंग हैं।


