रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने रविवार को अवैध कोल लेवी वसूली घोटाला मामले मे प्रदेश के दो जगहों पर रेड मारी है।
एसीबीईओडब्ल्यू ने अपने आधिकारिक बयान में बताया है कि इस घोटाले से जुड़े आरोपी जयचंद कोशले के रायपुर एवं जांजगीर-चांपा स्थित आवास पर तलाशी कार्यवाही की गई।
आरोपी कोशले, सौम्या चैरसिया का मुख्य सहयोगी था, जिसके द्वारा अवैध कोल लेवी वसूली की राशि का लगभग 50 करोड़ रूपये का व्यस्थापन किया गया है।
राज्य की जांच एजेंसी ने आरोपी के निवास स्थानो की तलाशी कार्यवाही के दौरान प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाईल फोन, इलेक्ट्रानिक उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज जप्त किये गये है और जप्त किये गये सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है।
आरोपी से पूछताछ की जा रही है। प्रकरण मे अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस घोटाला में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच 540 करोड़ रुपये नकद उगाही की थी।
जिसके बाद, एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) 2022 से कोयला कर घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच कर रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, राज्य में कोयले के परिवहन पर हर टन के लिए 25 रुपये का अवैध शुल्क वसूला जा रहा था। यह वसूली वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और दलालों के एक गिरोह द्वारा पिछली कांग्रेस सरकार के समय की जा रही थी।


