रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाला केस से जुड़े दो मामलों में जमानत दे दी है।
चैतन्य पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे है।
हाई कोर्ट ने उन्हें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज एक मामले और छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो/इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा दर्ज दूसरे मामले में जमानत दी है।
ईडी ने पिछले साल जुलाई में कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था जबकि एसीबी/ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार जांच से जुड़े अपने मामले में सितंबर में उन्हें जेल में रहते हुए गिरफ्तार किया था।
ईडी के अनुसार, राज्य में शराब “घोटाला” 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।
इसमें कहा गया है कि कथित घोटाले से राज्य के खजाने को “भारी नुकसान” हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबें भर गईं।
ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल कथित शराब घोटाले के पीछे के सिंडिकेट के मुखिया थे और उन्होंने घोटाले से मिले लगभग 1,000 करोड़ रुपये खुद संभाले थे।
एसीबी/ईओडब्ल्यू ने दावा किया है कि चैतन्य बघेल ने उच्च स्तर पर अपराध की कमाई का प्रबंधन करने के साथ-साथ अपने हिस्से के रूप में लगभग 200-250 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
राज्य एजेंसी ने दावा किया था कि घोटाले से जुड़ी अपराध की कमाई 3,500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।


