बीजापुर | छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार को 1.19 करोड़ रुपये के इनामी कुल 41 माओवादियों ने हिंसा छोड़कर सरेंडर कर दिया।
इन 41 माओवादियों में 12 महिलाये और 29 पुरुष शामिल है ।
1 जनवरी 2025 से अब तक जिले में विभिन्न घटनाओं में शामिल 528 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 560 मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं और 144 मारे गए हैं।
डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, कोबरा और सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयासों — तथा राज्य सरकार की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति और “नियाड़ नेल्ला नार” योजना — के प्रभाव से इन माओवादियों ने सीआरपीएफ सेक्टर बीजापुर के डीआईजी बी. एस. नेगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
इन 41 कैडरों के पुनर्वास और समाज में पुनर्समावेशन के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया जारी है।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों के परिवार भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जिएं और समाज के साथ आगे बढ़ें।”
उन्होंने कहा, “माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को छोड़कर निडर होकर मुख्यधारा में लौटें। सरकार की ‘पूना मारगेम’ नीति उनका भविष्य सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।”


