नई दिल्ली | दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की रणनीतियां तैयार करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इसके आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इसकी जानकारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में शुक्रवार को दी गई।
वाहन उत्सर्जन दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत बना हुआ है, जो PM2.5, नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और वाष्पशील जैविक यौगिकों (VOCs) के स्तर को बढ़ाता है। यह क्षेत्र में गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियां पैदा करता है।
समिति में प्रमुख शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, ऑटोमोटिव अनुसंधान संस्थानों और अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो उत्सर्जन में कमी के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करेंगे।
समिति के कार्य:
- स्वच्छ परिवहन से जुड़े नीतियों, कार्यक्रमों और नियामक ढांचे की समीक्षा करना, जिसमें बीएस मानक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पहल और दिल्ली-एनसीआर में ईंधन दक्षता मानक शामिल हैं।
- वाहन श्रेणीवार उत्सर्जन के योगदान और उससे होने वाले जोखिमों का आकलन कर प्रदूषण कम करने के लिए आवश्यक नियामक उपाय सुझाना।
- इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के तेज़ी से संक्रमण के लिए तकनीकी तैयारियों, बुनियादी ढांचे की जरूरतों, लागत प्रभाव और प्रोत्साहन योजनाओं की समीक्षा करना।
- वाहन परिवहन से होने वाले वायु प्रदूषण में कमी के लिए आवश्यक अतिरिक्त उपाय सुझाना।
समिति दो महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपेगी।


