नई दिल्ली | अठारहवीं लोकसभा का छठा सत्र, जो 1 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था, शुक्रवार को संपन्न हो गया।
इस संबंध में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जानकारी दी कि सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें हुईं। सत्र की कुल अवधि 92 घंटे और 25 मिनट रही।
सत्र के दौरान सदन की कार्य उत्पादकता 111 प्रतिशत रही। इस दौरान कुल 10 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 8 विधेयक पारित हुए।
15 दिसंबर को चर्चा के बाद, वर्ष 2025-26 के लिए ‘अनुदान की पूरक मांगों—प्रथम बैच’ पर मतदान हुआ। इसके पश्चात, ‘विनियोग (संख्या 4) विधेयक, 2025’ पारित किया गया।
8 दिसंबर, 2025 को प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चर्चा की शुरुआत की थी। सदन ने इस विषय पर 11 घंटे और 32 मिनट तक चर्चा की, जिसमें 65 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसी तरह, 9 और 10 दिसंबर को “चुनावी सुधार” के विषय पर लगभग 13 घंटे तक चर्चा हुई, जिसमें 63 सदस्यों ने अपनी भागीदारी दर्ज की।
सत्र के दौरान 300 तारांकित प्रश्न स्वीकार किए गए, जिनमें से 72 के मौखिक उत्तर दिए गए। इसके अलावा, कुल 3,449 अतारांकित प्रश्न भी सदन में स्वीकार किए गए।
शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान सदस्यों द्वारा लोक महत्व के 408 अविलंबनीय मामले उठाए गए, जबकि नियम 377 के तहत 372 मामले लिए गए। विशेष रूप से, 11 दिसंबर को शून्यकाल के दौरान सदन में रिकॉर्ड 150 सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाए।


