नई दिल्ली | सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि ओटीटी कंटेंट केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेगा और आईटी नियमों के तहत तीन-स्तरीय संस्थागत तंत्र लागू है।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) एक वैधानिक प्राधिकरण है, जिसकी स्थापना सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सिनेमैटोग्राफ फिल्मों की जांच और प्रमाणन के उद्देश्य से की गई है।
ओटीटी कंटेंट का विनियमन सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग III के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है।
ओटीटी कंटेंट से संबंधित शिकायतों को शिकायत निवारण तंत्र के स्तर-1 के तहत उचित कार्रवाई के लिए संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म को विधिवत अग्रेषित किया जाता है।
एथिक्स कोड के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को कानून द्वारा बैन कंटेंट पब्लिश करने से बचना होगा और नियमों के तहत तय गाइडलाइंस के अनुसार कंटेंट का उम्र के आधार पर क्लासिफिकेशन करना होगा।


