जगदलपुर | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा, “हमने पूरे बस्तर और भारत को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया है और हमें यहीं नहीं रुकना चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दिसंबर 2030 तक बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बने।”
उन्होंने यह बात छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में बस्तर ओलंपिक्स 2025 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
शाह ने कहा कि अगले वर्ष नवंबर–दिसंबर में जब बस्तर ओलंपिक्स 2026 आयोजित होंगे, तब तक छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से लाल आतंक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और नक्सलमुक्त बस्तर विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि बस्तर बदल रहा है और अब यह भय नहीं, बल्कि भविष्य का पर्याय बन चुका है।
उन्होंने बताया कि 2,000 से अधिक नक्सली युवक आत्मसमर्पण कर चुके हैं और इस दिशा में आदिवासी समाज के नेताओं का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन से नक्सली युवाओं में विश्वास और साहस का संचार हुआ है।
आदिवासी नेताओं और समाजसेवियों से अपील करते हुए शाह ने कहा कि जो लोग अभी भी हाथों में हथियार लेकर भटक रहे हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता—न हथियार उठाने वालों का, न आदिवासियों का और न ही सुरक्षा बलों का। केवल शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।


