राजनांदगांव। माओवादी सेंट्रल कमेटी (सीसीएम) के सदस्य रामधेर उर्फ देउ मज्जी, उनकी पत्नी और दस अन्य नक्सलियों ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सरेंडर कर दिया।
सरेंडर करने वाले कैडरों में छह महिलाएं शामिल हैं, जिन पर कुल 2.95 करोड़ रुपये का इनाम था।
उन्होंने 10 हथियार सौंपे, जिनमें तीन AK-47 राइफल, तीन इंसास राइफल, दो .303 राइफल, एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR) और एक कार्बाइन गन शामिल हैं।
मज्जी, जो होरुपु उर्फ अमरजीत जैसे उपनामों से जाना जाता है, MMC ज़ोन, गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) के सेंट्रल कमेटी सदस्य के तौर पर काम कर रहा था। उस पर 1.05 करोड़ रुपये का इनाम था। उसकी पत्नी अनीता उर्फ ललिता उर्फ जैनी डिविजनल कमेटी (DVCM) की सदस्य है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में डिविजनल कमेटी के चार मेंबर, पार्टी के चार मेंबर और एरिया कमेटी के दो मेंबर (ACM) शामिल हैं।
इनमें से चार DVCM पर 33-33 लाख रुपये, दो ACM पर 14-14 लाख रुपये और चार पार्टी मेंबर पर 6-6 लाख रुपये का इनाम था।
सरेंडर करने वाले सभी नक्सली मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ (MMC) ज़ोन से जुड़े थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने ने कहा कि पिछले दो सालों में सिक्योरिटी फोर्स ने एनकाउंटर में 500 से ज़्यादा माओवादी मारे गए हैं, जबकि 4,000 से ज़्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है या उन्हें गिरफ्तार किया है।


