नई दिल्ली | नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित भारत–अमेरिका संयुक्त कार्य समूह (JWG) की 21वीं बैठक में दोनों देशों ने मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs), ड्रोन और एआई के आतंकवादी उद्देश्यों के लिए बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त की।
दोनों पक्षों ने ISIS और अल-कायदा से जुड़े संगठनों के साथ-साथ लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) तथा इनके सहयोगी और प्रॉक्सी समूहों, समर्थकों, प्रायोजकों, वित्तपोषकों और संरक्षकों को संयुक्त राष्ट्र के 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत अतिरिक्त सूचीबद्ध करने का आग्रह किया, ताकि उनके सदस्यों पर वैश्विक स्तर पर परिसंपत्ति फ्रीज, यात्रा प्रतिबंध और हथियार प्रतिबंध लागू हो सके।
दोनों देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के आसपास हुई हालिया जघन्य आतंकी घटना की कड़ी निंदा की, यह जोर दीया कि आतंकवादियों को उनके कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
दोनों पक्षों ने आतंकवादी भर्ती, आतंकी उद्देश्यों के लिए प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसी पारंपरिक और उभरती चुनौतियों की व्यापक समीक्षा की।
इन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा सहयोग, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय प्रयासों के तहत सूचना साझाकरण सहित सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।


