नई दिल्ली | वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को कहा कि भारत में घरेलू बचत 2022-23 के 50.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 54.61 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2025 (National Account Statistics 2025) के अनुसार GDP के प्रतिशत के रूप में घरेलू बचत 2022-23 के 18.6 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 18.1 प्रतिशत रह गई।
मंत्री के अनुसार, कारोबार में सुगमता, स्किलिंग, रोजगार सृजन, समावेशी मानव संसाधन विकास और अवसंरचना निर्माण पर सरकार के फोकस ने घरेलू आय और बचत की वृद्धि के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है।
उन्होंने कहा, “इसके अलावा, सालाना 12 लाख रुपये तक की आय पर नई आयकर छूट और हाल ही में किए गए GST दर तर्कसंगतीकरण उपायों से घरेलू उपभोग, बचत और निवेश में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।”
सरकार घरेलू बचत सहित प्रमुख आर्थिक मानकों की प्रवृत्तियों और उनके आर्थिक विकास व राजकोषीय स्थिरता पर प्रभावों पर करीबी नजर रखती है।
उन्होंने जोड़ा कि वर्तमान समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की मैक्रोइकोनॉमिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है, जिसे मजबूत घरेलू मांग, घटती मुद्रास्फीति, सुधरी हुई कॉर्पोरेट बैलेंस शीट और निरंतर राजकोषीय अनुशासन का सहारा मिला हुआ है।


