नई दिल्ली | भारतीय रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के MH-60R हेलीकॉप्टर बेड़े के रखरखाव समर्थन के लिए अमेरिकी सरकार के साथ ऑफर और एक्सेप्टेंस (LOAs) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समर्थन फॉलो-ऑन सपोर्ट और फॉलो-ऑन सप्लाई सपोर्ट के माध्यम से पांच वर्षों की अवधि के लिए प्रदान किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 7,995 करोड़ रुपये है।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इन LOAs पर नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में अमेरिकी फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) कार्यक्रम के तहत हस्ताक्षर किए गए।
इस पैकेज में स्पेयर पार्ट्स, सपोर्ट उपकरण, प्रोडक्ट सपोर्ट, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता, पुर्जों की मरम्मत और पुनःपूर्ति, तथा भारत में ‘इंटरमीडिएट’ स्तर के कंपोनेंट रिपेयर और पीरियडिक मेंटेनेंस इंस्पेक्शन सुविधाओं की स्थापना शामिल है।
देश में इन सुविधाओं का विकास दीर्घकालिक क्षमता निर्माण सुनिश्चित करेगा और अमेरिकी सरकार पर निर्भरता कम करेगा।
यह रखरखाव समर्थन अत्याधुनिक, सभी मौसम में सक्षम एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की परिचालन उपलब्धता और अनुरक्षण क्षमता को काफी बढ़ाएगा। ये हेलीकॉप्टर पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता से भी सुसज्जित हैं और इन्हें अमेरिकी सरकार के माध्यम से खरीदा गया था।
यह समर्थन इन हेलीकॉप्टरों के विभिन्न स्थानों और जहाज़ों से संचालन को भी सक्षम बनाएगा, जिससे उनके सभी प्राथमिक और द्वितीयक मिशनों और भूमिकाओं के दौरान सर्वोत्तम प्रदर्शन सुनिश्चित होगा।


