नई दिल्ली | केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने मंगलवार को राज्य और नगर निगम व्यापार लाइसेंस को एकीकृत करने वाले एक एकल ऑनलाइन पोर्टल की स्थापना का सुझाव दिया।
व्यापार नेताओं के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को इसे एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू करने पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू किए गए चार श्रम संहिताएँ असंगठित क्षेत्रों और गिग वर्करों को महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करेंगी। पहले इन श्रमिकों को अनेक प्रपत्रों, निरीक्षणों और जटिल नियमों का सामना करना पड़ता था, जबकि नई व्यवस्था प्रक्रियाओं को सरल बनाती है और उचित सुविधाएँ, सामाजिक सुरक्षा तथा बेहतर कार्य परिस्थितियों की सुनिश्चितता करती है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का स्वागत नियोक्ताओं और कर्मचारियों—दोनों ने किया है।
मंत्री ने व्यापारियों को स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आपूर्तिकर्ताओं को उत्पाद पैकेजिंग पर निर्माण स्थल स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए और दुकानों में यह दर्शाने पर भी विचार किया जा सकता है कि वे स्वदेशी वस्तुएँ बेचते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मेड इन इंडिया उत्पादों की उपस्थिति को और बढ़ाने की आवश्यकता है।


