पटना। बिहार चुनाव के दूसरे चरण में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी हैं। हर जिले से मतदाताओं की अलग-अलग राय और उम्मीदें सामने आ रही हैं।
कटिहार के एक मतदाता ने मतदान के बाद आईएएनएस से कहा, “महिलाओं की प्रगति जरूरी है और मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार इस दिशा में पूरा सहयोग देगी।”
कटिहार के कई मतदान केंद्रों पर महिला मतदाताओं की उपस्थिति खास तौर पर नजर आई, जो आत्मनिर्भर बिहार की झलक पेश कर रही थीं। पूर्णिया के एक मतदाता ने कहा, “मुद्दा विकास का है। सड़क, बिजली और पानी यही लोगों की मुख्य चिंता है।”
बांका में पहली बार वोट डालने वाले एक युवा मतदाता ने कहा, “मैंने पहली बार वोट दिया और विकास को ध्यान में रखकर ही अपना वोट डाला।” युवा मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरे जोश से हिस्सा ले रहे हैं।
मधुबनी के मतदाताओं ने सरकार के कामकाज की खुलकर तारीफ की। एक मतदाता ने कहा, “सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। हर तरफ विकास दिख रहा है। पहले हालत बहुत खराब थी, लेकिन पिछले 10 से 15 साल में जबरदस्त तरक्की हुई है।”
गयाजी के मतदाताओं में लोकतंत्र के इस पर्व को लेकर खास उत्साह दिखा। एक मतदाता ने कहा, मुझे बहुत खुशी है कि मैं लोकतंत्र के इस महापर्व का हिस्सा हूं।”
जहानाबाद में विनोद कुमार ने मतदान के बाद कहा, “मुख्य मुद्दा यही है कि जो भी सरकार बने, वह बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करे। नाली, सड़क, बिजली और अपराध पर नियंत्रण हमारी प्राथमिकताएं हैं। पहले मैं चुनाव ड्यूटी पर होता था और बैलेट से वोट देता था। इस बार ड्यूटी नहीं मिली, इसलिए मैं यहां का पहला मतदाता बन सका।”
एक मतदाता ने कहा, “पहले सुरक्षा, फिर विकास। सड़कों और अन्य ढांचागत सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है। इस सोच के साथ ही हम मतदान करने पहुंचे हैं। मतदान व्यवस्था भी बहुत अच्छी है।”
उल्लेखनीय है कि बिहार में मंगलवार को विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान है। दूसरे चरण में प्रदेश के 20 जिलों के 122 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा।
यह अंतिम चरण अगली राज्य सरकार के गठन में निर्णायक भूमिका निभाएगा और हफ़्तों से चल रहे सघन चुनाव प्रचार का समापन करेगा।
इस चरण में कुल 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 136 महिलाएं और एक तृतीय लिंग उम्मीदवार शामिल हैं। इस चरण में मध्य, पश्चिमी और उत्तरी बिहार के कुछ हिस्से शामिल हैं।
लगभग 3.7 करोड़ मतदाता, जिनमें 1.95 करोड़ पुरुष और 1.74 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, 45,399 मतदान केंद्रों पर मतदान करने के पात्र हैं, जो राज्य में किसी भी चुनाव चरण के लिए स्थापित किए गए अब तक के सबसे अधिक मतदान केंद्र हैं।
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है और प्रमुख इलाकों में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
इसके अतिरिक्त, भारत-नेपाल सीमा पर कई बिंदुओं को सील कर दिया गया है ताकि किसी भी सीमा पार आवाजाही या अवैध गतिविधियों को रोका जा सके जो चुनाव प्रक्रिया को बाधित कर सकती हैं।
इस चरण के नतीजों से 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में सत्ता का संतुलन तय होने की उम्मीद है, क्योंकि सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी गठबंधन, दोनों ही स्पष्ट बहुमत के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर, 2025 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें रिकॉर्ड 64.66 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य के चुनावी इतिहास में सर्वाधिक है।
पहले चरण में प्रदेश के 18 जिलों के कुल 121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ था। इसमें कुल 3,75,13,302 मतदाता थे, जिनमें 1,98,35,325 पुरुष, 1,76,77,219 महिला और 758 तृतीय लिंग मतदाता शामिल थे।
सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना 14 नवंबर को होगी।


