नई दिल्ली । विज्ञान और प्रौद्योगिकी के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने रविवार को बताया कि वर्ष 2021 से अब तक आयोजित पाँच वार्षिक विशेष स्वच्छता अभियानों के माध्यम से कुल 4,085 करोड़ 24 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है।
यह राजस्व विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों से कबाड़, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी शामिल है, के निपटान के ज़रिए विशेष स्वच्छता अभियान के तहत प्राप्त हुआ।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन में नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस अभियान में एक नया आयाम जोड़ा गया है।
2 अक्टूबर 2021 (गांधी जयंती) से 31 अक्टूबर तक एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें सभी सरकारी मंत्रालयों और विभागों से सक्रिय भागीदारी और नियमित प्रगति रिपोर्ट देने की अपेक्षा की गई थी।
सिंह ने बताया कि पारंपरिक कबाड़ के अलावा, कार्यालयों में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी था, जिसे निपटाकर न केवल सरकार के लिए राजस्व उत्पन्न किया गया, बल्कि रीसाइक्लिंग के माध्यम से “कचरे से कमाई” (Wealth from Waste) के अवसर भी सृजित हुए।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष विशेष स्वच्छता अभियान 4.0 के अंत तक लगभग 3,300 करोड़ रुपये अर्जित किए गए थे, जिनमें इस वर्ष के विशेष अभियान 5.0 से 788.53 करोड़ रुपये और जुड़े। इस प्रकार कुल राजस्व 4,085 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
अभियान की एक अन्य बड़ी उपलब्धि यह रही कि लगभग 231.75 लाख वर्गफुट क्षेत्र, जो पहले अनुपयोगी सामग्री से घिरा हुआ था, अब साफ कर उत्पादक उपयोग के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।


