रायपुर। रायपुर स्थित एसीबी-ईओडब्ल्यू विशेष अदालत ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को कथित शराब घोटाला मामले में 7 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
एसीबी-ईओडब्ल्यू न्यायाधीश ने चैतन्य की न्यायिक हिरासत 13 अक्टूबर तक एसीबी-ईओडब्ल्यू को सौंप दी है।
एसीबी-ईओडब्ल्यू को दी गई 13 दिन की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद चैतन्य को सोमवार को विशेष अदालत में पेश किया गया था। उन्हें 6 अक्टूबर तक एसीबी/ईओडब्ल्यू की हिरासत में लिया गया था।
वहीं चैतन्य बघेल के बेल के लिए ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत याचिका लगाई गई है जिस पर 8 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
बता दे कि एसीबी/ईओडब्ल्यू ने 24 सितंबर को चैतन्य बघेल और एक अन्य आरोपी दीपेन चावड़ा को कथित शराब घोटाले के सिलसिले में हिरासत में लिया था। उल्लेखनीय है कि चैतन्य को 18 जुलाई को ईडी ने उनके घर की तलाशी के बाद गिरफ्तार किया था और वो तब से जेल मे ही है।
ईडी ने एक बयान में दावा किया था कि चैतन्य ने राज्य में शराब घोटाले से उत्पन्न 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की ‘अपराध आय’ का प्रबंधन किया और 16.7 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट परियोजना को विकसित करने में किया।
ईडी ने कहा था कि कथित घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबें 2,100 करोड़ रुपये से अधिक भर गईं।
ईडी के अनुसार, राज्य में यह घोटाला पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2022 के बीच रचा गया था।
जनवरी 2025 में, ईडी ने पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को गिरफ्तार किया।


